जब हम लोग स्टूडेंट पोलटिक्स ें थे तो ऐसा लगता था की बस ये हे है हमरी ज़िंदगी
अप्प लोगो से शेयर करने का मन किया ,बो मनीष भइया के आग लगाने बाले क्रन्तिकारी
विचार ,बो जोनु पंवार का की भांग और आयुष की मोंज और सचिन और अजय गंगवार का
हॉस्टल में कर्फु लगना और फिर पुलिस इंचार्ज का परवीन यादव का अजय गंगवार को डुड्ना
और कुलदीप सिंह का तुतलाना दीपक पंडित का तांडव हमारी और अमित निर्वाण की लड़ाई
और भागरु का अमित के,,,,,,,,,चकरररर अरे आशीष त्यागी का संतोष प्रताप की .....हा एक लोग तो रहे
हे गए वीरेंदर गुरु से गुज्जर और कुर्मी वाले टॉपिक पर पूरी रात ......बकचोदी








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