राजनीति में होना, एक फुटबौल टीम में कोच होने जैसा है. आप इतने बुद्धिमान हों कि
खेल को समझ सकें और इतने मूर्ख कि ये सोच पायें कि खेल महत्वपूर्ण है.
Saturday, October 4, 2014
आज आपको ऐसे स्टूडेंट लीडर से मिल बाते जिस अपने कॉलेज के ४ शाल सिरिफ और सिर्फ सर छोटू राम इंजीनियरिंग कॉलेज
के हितो के लिए बेकार कर दिए क्या आपकी आखो में उसके त्याग का कोई मोल है कि नही.आयी आप से मिल बता
आपके अपने आयुष पंवार से ...
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